Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

मेरे चंचल कपलकिशोर प्यारे आजाओ माखन चोर,
प्यारे आजाओ माखन चोर ,

मेरे चंचल कपलकिशोर प्यारे आजाओ माखन चोर,
प्यारे आजाओ माखन चोर ,
मेरे नटवर नंदकिशोर प्यारे माखन चोर,

कभी अवध बिहारी राम बने,कभी अर्जुन के रखवार बने,
हए कृष्ण मुरारी मधु सुधन आओ आओ प्यारे मनमोहन,
मेरी अर्ज प्रभु हाथ जोड़,प्रभु आ जाओ माखन चोर,
मेरे नटवर नंदकिशोर ...........

यमुना में जब विचधर गाजे  सिर पड़ चढ़ कर नटवर नाचे,
तेरे मधुर मुरलिया सुन सुन के सखिया अपनी धुन में नाचे,
वृन्दावन के चित चोर प्यारे आ जाओ माखन चोर,
मेरे चंचल कपल किशोर.............

तुम ही गोवर्धन गिरधारी नंदनंद कान्हा बनवारी,
जय रास रचिया नन्दलाल तेरी संवारी सूरत बड़ी प्यारी,
मुरलीधर नन्द किशोर,प्यारे आ जाओ माखन चोर,
मेरे नटवर नंदकिशोर ............

मेरी नैया डग मग धोले है दुखो के खाए धोले है,
मेरे कान्हा दर्स दिखा जाऊ हरी आ जाओ हरी आ जाओ,
अब इतने बनो न कठोर ,प्यारे आ जाओ माखन चोर,
मेरे नटवर नंदकिशोर



mere chanchal kapal kishor pyare aajao makhanchor



Bhajan Lyrics View All

सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।