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मेला मेला मेला मेरे भोलेनाथ दा मेला
भोलेनाथ दा मेला मेरे भोलेनाथ दा मेला

मेला मेला मेला मेरे भोलेनाथ दा मेला
भोलेनाथ दा मेला मेरे भोलेनाथ दा मेला
मेला मेला मेला मेरे भोलेनाथ दा मेला

मेला देखन राम जी आये
सीता जी नू नाल लाये
बजरंगी बन गया चेला मेरे भोलेनाथ दा मेला

मेला देखन श्याम जी आये
राधा जजी नू नाल लाये
सुदामा बसन गया चेला मेरे भोलेनाथ दा मेला

मेला देखन ब्रह्मा जी आये
सरस्वती जी नू नाल लाये
हंस उड्डे अलबेला मेरे भोलेनाथ दा मेला

मेला देखन विष्णु जी आये
लक्षमी जी नू नाल आये



mela mela mela mere bholenath da mela



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हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे