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मत कर मोह तू, हरि भजन को मान रे तू ।
हरि भजन को मान रे तू...

मत कर मोह तू, हरि भजन को मान रे तू ।
हरि भजन को मान रे तू...

नयन दिए दर्शन करने को, श्रवण दिए सुन ज्ञान रे ।
हरि भजन को मान रे तू...

वदन दिया हरि गुण गाने को, हाथ दिए कर दान रे ।
हरि भजन को मान रे तू...

कहत कबीर सुनो भाई साधो, कंचन निपजत खान रे ।



mat kar moh tu hari bhajan ko maan re



Bhajan Lyrics View All

वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥