Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

मन मैला और तन को धोए,
फूल को चाहे,कांटे बोये...कांटे बोये ।

मन मैला और तन को धोए,
फूल को चाहे,कांटे बोये...कांटे बोये ।
मन मैला और तन को धोए...

करे दिखावा भगति का क्यों उजली ओढ़े चादरिया ।
भीतर से मन साफ किया ना, बाहर मांजे गागरिया ।
परमेश्वर नित द्वार पे आया, तू भोला रहा सोए ॥
मन मैला और तन को धोए...

कभी ना मन-मंदिर में तूने प्रेम की ज्योत जगाई ।
सुख पाने तू दर-दर भटके, जनम हुआ दुखदायी ।
अब भी नाम सुमिर ले हरी का, जनम वृथा क्यों खोए ॥
मन मैला और तन को धोए...

साँसों का अनमोल खजाना दिन-दिन लूटता जाए ।
मोती लेने आया तट पे, सीप से मन बहलाए ।
साँचा सुख तो वो ही पाए, शरण प्रभु की होए ॥



man maila aur tan ko dhoye fool ko chahe kaante boye by hari om sharan



Bhajan Lyrics View All

रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा