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मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे
भोले के दरश करा दे ओ मैया

मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे
भोले के दरश करा दे ओ मैया
शंकर जी से मिलवा दे ओ मैया
भोले के दरश करा दे

आप भी आना संग गणपति को लाना
कार्तिक जी से भी मिलवाना
ऐसी कृपा बरस दे, ओ मैया
मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

पञ्च तत्व अभिषेक कराऊँ
पंचाक्षर पद शिव को रिझाऊं
सेवा शिव की दिला दे, ओ मैया
मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

सुन्दर प्यारा रूप निराला
सब के मन को मोहने वाला
बैठा भस्म रमा के, ओ मैया
मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

नीलकंठ कैलाश के वासी
घट घट में है वो अविनाशी
मन मंदिर में बिठवा दे, ओ मैया
मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे

जनम जनम से भटक रहा हु
इक दीदार को तरस रहा हु
एक झलक दिखवा दे, ओ मैया
मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे



maiya ji mujhe bhole ke darsh kara do



Bhajan Lyrics View All

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से