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दरबार तेरा हाउस फुल है I
क्यों की तू बड़ा पावर फूल है II

दरबार तेरा हाउस फुल है I
क्यों की तू बड़ा पावर फूल है II
मै वारी जाऊ सूरत पे थारे गिरधारी
बलिहारी जाऊ सूरत पे थारे गिरधारी

मीरा के मन मे तुम हो समाये
जोगन बन के वो गलियों मे गाये
दीवानी..३ प्रेम के मारी, मै वारी जाऊ....

रोई सभा मे द्रोपदी नारी
नंगे पैर दौड़े आये कृष्ण मुरारी
वो खुद ही..३ बन गाये साड़ीजी, मै वारी जाऊ....

मेरे शीश के दानी का सरे जग मे डंका बजे
हारे के साथी का सरे जग मे डंका बजे
मै वारी जाऊ....

नरसी भगत को तूने तार दिया है
कर्मा बाई से तूने प्यार दिया है



main vari jaun surat pe thari girdhari



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मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।