Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

क्यों पीवे तू पानी हंसिनी,क्यों पीवे तू पानी,
सागर खीर भरा घट भीतर,

क्यों पीवे तू पानी हंसिनी,क्यों पीवे तू पानी,
सागर खीर भरा घट भीतर,
पीयो सूरत तानी हंसिनी,
क्यों पीवे तू पानी ।

जग को जार धसो नभ अंदर,
मंदर परख निशानी हंसिनी,
क्यों पीवे तू पानी ।

गुर मूरत तू धार हिये में,
मन के संग क्यों फिरत निमाणी हंसिनी,
क्यों पीवे तू पानी ।

तेरा काज करे गुर पूरे,
सुन ले अनहद वाणी हंसिनी,
क्यों पीवे तू पानी ।

करम भरम बस सब जग बौरा,
तू क्यों होत दीवानी हंसिनी,
क्यों पीवे तू पानी ।

सूरत सम्भार करो सत-संगत,
क्यों बिख अमृत सानी हंसिनी,
क्यों पीवे तू पानी ।

तेरा धाम अधर में प्यारे,
क्यों धर संग बंधाणी हंसिनी,
क्यों पीवे तू पानी ।

जल्दी करो चढ़ो ऊंचे को,
राधास्वामी कहत बखानी हंसिनी,
क्यों पीवे तू पानी ।



kyo peewe tu paani hansini radhaswami bhajan lyrics



Bhajan Lyrics View All

जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥