Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

कृष्णा गोविन्द गोपाल गाते चलो
अपनी मुक्ति का साधन बनाते चलो

कृष्णा गोविन्द गोपाल गाते चलो
अपनी मुक्ति का साधन बनाते चलो

दुःख में तड़पो नहीं, सुख में फूलो नहीं,
प्राण जाये मगर, नाम भूलो नहीं ।
मुरली वाले को मन में रिझाते चलो
कृष्णा गोविन्द गोपाल गाते चलो ॥

काम करते चलो, नाम जपते चलो,
कृष्ण का कर समय ध्यान करते चलो ।
जिंदगी के हर इक गम मिटाते चलो



Krishna govind gopal gate chalo apni mukti ka saadhan banate chalo



Bhajan Lyrics View All

वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री