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कैसी शोभी बनी आज मेरे यार की,
भानु की दुलारी, नन्द के कुमार की ।

कैसी शोभी बनी आज मेरे यार की,
भानु की दुलारी, नन्द के कुमार की ।
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

अति मतवारे नयन मेरे युगल के,
करुणा की धारा या सों छल छल छलके ।
मैं वारि वरि जाऊं कजरे के धार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

लाड़ली की साडी लाल, काछनी है लाल की,
नज़र लगे न जोड़ी बनी है कमाल की ।
आपसे है शोभा, आप के श्रृंगार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

ऐसे सदा शोभा पाओ मेरे नयन तारे,
आपसे विनय है मेरी इतनी सी प्यारे ।
तोडना न डोर कभी मेरे प्यार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥

जैसे चाँद शोभा पाए नील गगन में,
वैसे ही रमन करे राधिका रमन में ।
बात कहूं मैं बस यही सार की,



kaisi shobha bani aaj mere yaar ki koi tulna nahi hai meri sarkaar ki bhajan by Manish Pankaj Phagwara wale



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तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
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