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दोहा: अपने हरि को हम दूंढ लीओ, जिन लाल अमोलक लाख मे
हरि के अंग अंग मे नरमी है जितनी, नरमी नाही वैसी म

दोहा: अपने हरि को हम दूंढ लीओ, जिन लाल अमोलक लाख मे
हरि के अंग अंग मे नरमी है जितनी, नरमी नाही वैसी माखन मे
छवि देखत ही मै तो झाकी रही, मेरो चित चुरा लीओ झांकन मे
हियरा में बसो, जियरा में बसो, प्यारी-प्यारे बसो दऊ आखन में
लाडली-लाल बसो, श्यामा-श्याम बसो दऊ आंखन में

जय जय राधा रमण हरि बोल
जय जय राधा रमण हरि बोल

नव नागर किशोर, नवल रसिया
प्यारो ब्रज को छैल काहना, मन वसिया
करीं कालिंदी फूल किलोल
जय जय राधा रमण हरि बोल

अखियन काजर, मृग छोना सो
नख बेसर जादू टोना सो
दऊ रस के भरें हैं कपोल
जय जय राधा रमण हरि बोल

अंगडाई ले मृधू मुस्कान पे,
कजरीली तिरछी चितवन पे,
शुक्दास बिका बिन मोल



jai jai radha raman hari bol



Bhajan Lyrics View All

करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा