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जहां हर कोई है दीवाना मेरे बांके बिहारी का
मेरे बांके बिहारी का, मेरे कुञ्ज बिहारी का

जहां हर कोई है दीवाना मेरे बांके बिहारी का
मेरे बांके बिहारी का, मेरे कुञ्ज बिहारी का
मैं भी हो गया मस्ताना मेरे बांके बिहारी का

पाग बांधे यह जरतारी बांके की अँखियाँ कजरारी
वो मीठा मीठा मुस्काना मेरे मोहनी बिहारी का
जहां हर कोई है दीवाना...

यहां बहे प्रेम की धारा वृन्दावन भक्ति का द्वारा
लूट रहा प्रेम खजाना राधा नित्त बिहारी का
जहां हर कोई है दीवाना...

कभी दर्शन वो दिखलावे कभी परदे में छिप जावे
हाय कैसा यह शर्माना राधा रसिक बिहारी का
जहां हर कोई है दीवाना...

देख पागल हुआ तुमको यह कहना है हमे सबको
यह ‘चित्र विचित्र’ की जोड़ी है नजराना रसिक बिहारी का



jaha har koi hai deewana mere banke bihari ka



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बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार