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जा रे कान्हा जा रे जा, जा रे जा, जा रे कान्हा जा रे जा  
अब के मोहन सुध ना हरुंगी,

जा रे कान्हा जा रे जा, जा रे जा, जा रे कान्हा जा रे जा  
अब के मोहन सुध ना हरुंगी,
बृन्दाबन जा बंसी बजा !!

तुम से भली तो तुमरी छबी है,
जुग जुग से जो मन में बसी है
उसके अधर पर भी बन्सी है,
वो कान्हा मेरा, जा तू जा  ..

तुम बिन अब ना मैं तडपूंगी,
तुमरे दरस को ना तरसूंगी
बिनती करुँगी ना पैय्या पडूँगी,
जित जाना उत जा, जा तू जा  ..


गीत    :  ग्वाला

संगीत  :  अरुण सराफ
अल्बम :  रंग दे ओ श्याम



jaa re kanha jaa re jaa



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राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा