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हृदयी रहा रे दयाघना  
मन:शांती दे मन मोहना

हृदयी रहा रे दयाघना  
मन:शांती दे मन मोहना
चरणी तुझ्या ही प्रार्थना

तू जाणसी, कि अजाण मी ,
जगतो परी निष्प्राण मी
       प्राणेश्वरा,  करुणाकरा ,  
       संजीवनी दे जीवना
       हृदयी रहा रे दयाघना  ...

लय ताल स्वर झंकार तू,  
श्वासातला ओमकार तू
       वर पामरा  दे  श्रीधरा,
       अखंडित राहो स्वराधाना
       हृदयी रहा रे दयाघना  ...


गीत : अरुण सराफ
संगीत : अरुण सराफ



hrudayee raha re dayaghana



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बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री