Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

हर युग में तेरा ही वास रहे,
यह बंदा तेरे चरणों का दास रहे ।

हर युग में तेरा ही वास रहे,
यह बंदा तेरे चरणों का दास रहे ।

श्याम से अपना अटूट हैं बंधन, कोई तोड़ ना पाए,
नहीं घबराता दिल मेरा चाहे कैसा भी वक़्त आए ।
तेरे चरणों में मेरी सुबह और श्याम रहे,
यह बंदा तेरे चरणों का दास रहे ॥

दाताओं का दाता है यह, देता है बिन बोले,
तेरी भी झोली भर देगा जो श्याम नाम मुख से बोले ।
मेरे दिल की हर धड़कन में तेरा ही नाम रहे,
यह बंदा तेरे चरणों का दास रहे ॥

घट घट वासी सांवरी है यह खींचे अपनी और रे,
सबको दीवाना करदेता यह वृंदावन चित्त चोर रे ।
हर जनम में तेरी भक्ति की ही आस रहे, सोनू संदीप तेरे चरणों के दास रहे,



har yug me tera hi vaas rahe yeh banda tere charno ka das rahe



Bhajan Lyrics View All

बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने