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घनश्याम महारे हिवड़े में बस जाओ बाबा श्याम,
चरण कमल को दास हु,ओ जी प्यारा श्याम

घनश्याम महारे हिवड़े में बस जाओ बाबा श्याम,
चरण कमल को दास हु,ओ जी प्यारा श्याम
घनश्याम महारे हिवड़े ......

जीवन नैया दास की, डूब रही मझधार,
जाने किया पुनचयसू ,भवसागर से पार,
घनश्याम महारो बेड़ो पार लगाओ प्यारा श्याम
घनश्याम महारे हिवड़े ......

मोह माया के जाल में, दुक्ख पाउ दीन रेन ,
दर्शन दयो जी सांवरा, व्याकुल हे दो नैन,
घनश्याम थारो नटवर, रूप दिखाओ प्यारा श्याम
घनश्याम महारे हिवड़े ......

करुणा सागर आप हो, सरनागत प्रतिपाल,
में सरनागत दास हु, काटो भव जंजाल,
घनश्याम महारो आवागमन,छुड़ावो बाबा श्याम
घनश्याम महारे हिवड़े ......

इ थांके ब्रह्माण्ड में, लख चौरासी जून,
करनी वश सब भोगता, पाई मिनखा जुन,
घनश्याम अब तो थांके, धाम बुलावो बाबा श्याम
घनश्याम महारे हिवड़े ......

जय मुरलीधर मोहना, जय ब्रिज माखन चौर,
जय जय नटवर प्राण धन, जय जय नन्द किशोर,
घनश्याम दास युगल रा नाथ कुहावो प्यारा श्याम
घनश्याम महारे हिवड़े ......



ghanshyam mahare hivade me bs jaao baba shyam charn kamal ko dass hu ao pyara shyam



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श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
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राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
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श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
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राधा राधा राधा राधा
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छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
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तेरे दर पे सर झुकाना
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और संग में सज रही है वृषभानु की
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तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
तू राधे राधे गा ,
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