Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

भज गोविन्द गोविन्द गोपाला
भज मुरली मनोहर नन्द लाला

भज गोविन्द गोविन्द गोपाला
भज मुरली मनोहर नन्द लाला
प्यारे मुकुंद माधव गोविन्द बोल
हरी बोल हरी बोल हरी बोल हरी बोल

हरे रामा रामा राम, सीता राम राम राम
सीता राम राम राम, राधे श्याम श्याम श्याम
भज गोविन्द गोविन्द गोपाला
भज मुरली मनोहर नन्द लाला

राम धुन लागि रे गोपाल धुन लागि
लागि रे मोहे राधे धुन लागि
भज गोविन्द गोविन्द गोपाला
भज मुरली मनोहर नन्द लाला

भज गोविन्द गोविन्द गोपाला
भज मुरली मनोहर नन्द लाला
प्यारे मुकुंद माधव गोविन्द बोल
हरी बोल हरी बोल हरी बोल हरी बोल

संपर्क - +



bhaj govind govind gopala



Bhajan Lyrics View All

सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली