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बरसाना मेरी जान है, बरसाना मेरी जान है ।
ब्रज मंडल में बरसाने की बड़ी ही ऊँची शान है ॥

बरसाना मेरी जान है, बरसाना मेरी जान है ।
ब्रज मंडल में बरसाने की बड़ी ही ऊँची शान है ॥

श्री राधे वृषभानु दुलारी, करुणामयी सरकार हमारी ।
बरसाने की स्वामिनी राधा पे तन मन कुर्बान है ॥
बरसाना मेरी जान है...

बरसाना यह धाम है नायरा लगता मुझको बड़ा ही प्यारा ।
महिमा अपरमपार है इसकी गावत वेद पुराण है ॥
बरसाना मेरी जान है...

बरसाने राधा रस बरसे ठाकुर भी इस रस को तरसे ।
तरसे ऋषि मुनि सुर ज्ञानी करने को रस पान है ॥
बरसाना मेरी जान है...

बरसाने के सिघ पौड़ पर जाता है मन दौड़ दौड़ कर ।
कहे ‘मधुप’ यह धाम किशोरी सब सुखो की खान है ॥



barsana meri jaan hai



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राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
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वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
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श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
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