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बंशी बजेगी राधा नाचेगी
चाहे जग रूठे तो रूठ जाए

बंशी बजेगी राधा नाचेगी
चाहे जग रूठे तो रूठ जाए

तेरी बंशी बड़ी जादूगारी
जुलम मेरे साथ करे
सारी रात जगाये,बैरन मेरी नींद चुराए
मै तो नाचूंगी
चाहे घर छूटे तो छूट जाए
बंशी बजेगी राधा नाचेगी

राधे रानी हुई रे दीवानी ब्रिज के साँवरिया
मन ही मन चाहे लेकिन तुझको  बोल न पाए
मैं तो चाहूंगी, मैं तो चाहूंगी
चाहे नव टूटे तो टूट जाए
बंशी बजेगी राधा नाचेगी  

हरष बोले मुरलिया से कहना बचा कोई आज तलाक
भक्तों के यह होश उड़ाए साड़ी रात नचाए
सेवक नाचेंगे, के छम छम नाचेंगे
चाहे छत टूटे तो टूट जाए
बंशी बजेगी राधा नाचेगी  



banshi baajegi radha naachegi chahe jag roothe to rooth jaaye



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दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।