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अंगना में आओगे कन्हैया तोहे मैं जाने ना दूंगी
जाने ना दूंगी तोहे, जाने ना दूंगी

अंगना में आओगे कन्हैया तोहे मैं जाने ना दूंगी
जाने ना दूंगी तोहे, जाने ना दूंगी
अंगना में आओगे सावंरिया तोहे मैं जाने ना दूंगी

अंगना मैं आओगे तो माखन मैं खिलाउंगी
माखन मैं खिलाउंगी तोहे मैं रिझाउंगी
माखन की भरी है मटकिया तोहे मैं जाने ना दूंगी

अंगना मैं आओगे तो दही मैं खिलाउंगी
दही मैं खिलाउंगी तोहे मैं रिझाउंगी
दही की भरी है मटकिया तोहे मैं जाने ना दूंगी

अंगना मैं आओगे तो राधा से  मिलाउंगी
राधा से  मिलाउंगी तोहे मैं रिझाउंगी
संग मैं होंगी सखिया तोहे मैं जाने ना दूंगी

अंगना मैं आओगे तो ग्वालो से मिलाउंगी
ग्वालो से मिलाउंगी,  तोहे मैं रिझाउंगी
संग मैं होंगी गैया तोहे मैं जाने ना दूंगी

अंगना मैं आओगे तो सत्संग मैं कराउंगी  
सत्संग मैं कराउंगी, तोहे मैं रिझाउंगी



angnaa main aaoge saawaria



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ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
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श्याम देखा घनश्याम देखा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
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ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे