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ए श्याम तेरी बंसी की कसम, हम तुमसे मोहोबत कर बैठे ।
इस दिल के सिवा कुछ और न था, यह दिल भी तुम्हारा कर

ए श्याम तेरी बंसी की कसम, हम तुमसे मोहोबत कर बैठे ।
इस दिल के सिवा कुछ और न था, यह दिल भी तुम्हारा कर बैठे ॥

हम रंग गए तेरे रंग में, ओ सावरे सुन ले अरज मेरी ।
कुछ खोया भी कुछ पाया भी, तेरी प्रीत से झोली भर बैठे ॥

पलकों में छिपा कर श्याम तुझे तन मन कुर्बान किये बैठे हैं ।
पकड़ा जब तेरे दामन को, जीने का सहारा कर बैठे ॥

मगरूर हुआ क्यूँ कर लेकिन, जरा सामने आ सूरत तो दिखा ।
कमजोर है दिल दीवाने का, श्याम इतना किनारा कर बैठे ॥

तस्वीर को तेरी जब देखा, मदहोश हुआ, बेहोश हुआ ।



ae shyam teri bansi ki kasam hum tumse mohobat kar baithe



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मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
बांके बिहारी की देख छटा,
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हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
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राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
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राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये