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आयी शरद पूनम की रात
मधुबन में आज रच्यो महारास

आयी शरद पूनम की रात
मधुबन में आज रच्यो महारास

चारों दिशाओं में मुरली की तान,
गोपियों के संग नाचे राधे का श्याम ।
धरती गगन झूमे होके मगन,
गूंजन में छाया है प्रेम का रंग ।
करे चंदा की किरणे प्रकाश,
मधुबन में आज रच्यो महारास...

यमुना के लहरों में कैसा है शोर,
ले गया मन मेरा हाय चितचोर ।
चरणों की दासी बावरिया हुई,
मैं तो बस तेरी सांवरिया हुई ।
रख ले मुझको तू चरणों के पास
मधुबन में आज रच्यो महारास...

भजन गायक - सौरभ मधुकर
भजन रचयिता - सौरभ मधुकर



aayi sharad poonam ki raat madhuban me aaj rachyo maharaas with hindi lyrics by Saurabh Madhukar



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श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं