Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

आई भवानी तुझ्या कृपेने तारसी भक्ताला
अगाध महिमा तुझी माऊली वारी संकटाला

आई भवानी तुझ्या कृपेने तारसी भक्ताला
अगाध महिमा तुझी माऊली वारी संकटाला
आई कृपा करी, माझ्यावरी, जागवितो रात सारी
आज गोंधळाला ये ....

गोंधळ मांडला भवानी गोंधळाला ये
गोंधळ मांडला ग अंबे गोंधळाला ये

उधं उधं उधं उधं उधं

गळ्यात घालून कवड्याची माळ पायात बांधिली चाळ
हातात परडी तुला ग आवडी वाजवितो संबळ
धगधगत्या ज्वालेतून आली तूच जगन्माता
भक्ती दाटून येते आई नाव तुझे घेता
आई कृपा करी, माझ्यावरी, जागवितो रात सारी
आज गोंधळाला ये ....

गोंधळ मांडला भवानी गोंधळाला ये
गोंधळ मांडला ग अंबे गोंधळाला ये

उधं उधं उधं उधं उधं

अग सौख्यभरीला माणिकमोती मंडप आकाशाचा
हात जोडुनि करुणा भाकितो उद्धार कर नावाचा
अधर्म निर्दाळुनी धर्म हा आई तूच रक्षिला
महिषासुर-मर्दिनी पुन्हा हा दैत्य इथे मातला

आज आम्हांवरी संकट भारी धावत ये लौकरी
अंबे गोंधळाला ये

गोंधळ मांडला भवानी गोंधळाला ये
गोंधळ मांडला ग अंबे गोंधळला ये

अंबाबाईचा ..... उधं उधं उधं उधं उधं
बोल भवानी मातेचा ..... उधं उधं उधं उधं उधं



aayi bhavani tujhya krupene taarsi bhaktala marathi devi bhajan



Krishna Bhajans App

Bhajan Lyrics View All

ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना