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दर दिवार दर्पण भयो,
जित देखू तित तोय ।

दर दिवार दर्पण भयो,
जित देखू तित तोय ।

कंकर पत्थर ठीकरी,
सब भयो आरसी मोय ॥

आवे ना जावे, मरे नहीं जन्मे,
सोई निज पीव हमारा हो ।
ना प्रथम जननी ने जनमो,
ना कोई सिर जन हारा हो ॥
आवे ना जावे, मरे नहीं जन्मे
सोई निज पीव हमारा हो...


साधनसिद्ध मुनि ना तपसी,
ना कोई करत आचारा हो ।
ना खट दर्शन चार बरन में,
ना आश्रम व्यवहारा हो ॥
आवे ना जावे, मरे नहीं जन्मे
सोई निज पीव हमारा हो...

ना त्रिदेवा सो हम शक्ति,
निराकार से पारा हो ।
शब्द अतीत अचल अविनाशी,
छर अक्षर से न्यारा हो ॥
आवे ना जावे, मरे नहीं जन्मे
सोई निज पीव हमारा हो...

ज्योति स्वरुप निरंजन नाही,
ना ओम हुंकारा हो ।
धरनी ना गगन,पवन ना पानी,
ना रवि चंदा तारा हो ॥
आवे ना जावे, मरे नहीं जन्मे
सोई निज पीव हमारा हो...

है प्रगट पर दिसत नाही,
सतगुर सैन सहारा हो ।
कहे कबीर सब घट में ही साहिब,
परखो परखन हारा हो ॥
आवे ना जावे, मरे नहीं जन्मे



aawe na jave mare nahi janme soyi nij peev hamara ho



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राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
बांके बिहारी की देख छटा,
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नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
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जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
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श्याम देखा घनश्याम देखा
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ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
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छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
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जय राधे राधे, राधे राधे
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एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥