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Shri Ram Katha by Swami Avdheshanand ji in October, 2014 at Akola

Shree Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj Akola Day 1

Shree Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj Akola Day 2

Shree Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj Akola Day 3

Shree Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj Akola Day 4

Shree Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj Akola Day 5

Shree Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj Akola Day 6

Shree Ram Katha by Swami Avdheshanand Giriji Maharaj Akola Day 7

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यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का