Share this page on following platforms.

Home Katha Ram Katha

Shree Ram Katha By Avdheshanand Giriji Maharaj in January 2015 At Nagpur

Shree Ram Katha - Avdheshanand Giriji Maharaj (Day - 1) Nagpur

Shree Ram Katha - Avdheshanand Giriji Maharaj (Day - 2) Nagpur

Shree Ram Katha - Avdheshanand Giriji Maharaj (Day - 3) Nagpur

Shree Ram Katha - Avdheshanand Giriji Maharaj (Day - 4) Nagpur

Shree Ram Katha - Avdheshanand Giriji Maharaj (Day - 5) Nagpur

Shree Ram Katha - Avdheshanand Giriji Maharaj (Day - 7) Nagpur

Contents of this list:

Bhajan Lyrics View All

कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।