Share this page on following platforms.

Home Katha Nani Bai Ro Mayro

nani bai ro mayro

Nani Bai Ro Mayro - Part 1

Nani Bai Ro Mayro - Part 2

Nani Bai Ro Mayro - Part 3

Nani Bai Ro Mayro - Part 4

Nani Bai Ro Mayro - Part 6

Nani Bai Ro Mayro - Part 7

Nani Bai Ro Mayro - Part 8

Nani Bai Ro Mayro - Part 9

Contents of this list:

Nani Bai Ro Mayro - Part 1
Nani Bai Ro Mayro - Part 2
Nani Bai Ro Mayro - Part 3
Nani Bai Ro Mayro - Part 4
Private video
Nani Bai Ro Mayro - Part 6
Nani Bai Ro Mayro - Part 7
Nani Bai Ro Mayro - Part 8
Nani Bai Ro Mayro - Part 9

Bhajan Lyrics View All

कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा