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Nani bai ro mahero

Darrang, Assam (17 July 2015) | Nani Bai Ro Mayro | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

Darrang, Assam ( July 2015) | Nani Bai Ro Mayro | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

Darrang, Assam (19 July 2015) | Nani Bai Ro Mayro | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

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Darrang, Assam (17 July 2015) | Nani Bai Ro Mayro | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji
Darrang, Assam ( July 2015) | Nani Bai Ro Mayro | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji
Darrang, Assam (19 July 2015) | Nani Bai Ro Mayro | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

Bhajan Lyrics View All

प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे