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Nani bai

Sujangarh, Rajasthan (1 March 2015) | Nani Bai Ro Mayro | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji

नानी बाई रो मायरो (राजेंद्र जैन) । Nani Bai Ro Mayro Part-1 | Nani Bai Ke Bhajan | by Rajendra Jain

Dharti Dhora Ri | Nani Bai Ro Mayro Part-2 | by Rajendra Jain

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Sujangarh, Rajasthan (1 March 2015) | Nani Bai Ro Mayro | Radhaswarupa Jaya Kishori Ji
नानी बाई रो मायरो (राजेंद्र जैन) । Nani Bai Ro Mayro Part-1 | Nani Bai Ke Bhajan | by Rajendra Jain
Dharti Dhora Ri | Nani Bai Ro Mayro Part-2 | by Rajendra Jain

Bhajan Lyrics View All

कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है