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Shree Mahalaxmi Vrat Katha !!

Shree Lakshmi Vrat (Marathi) | Audio Jukebox

Shree Mahalaxmi Ashtak (Mahalaxmi Mantra) - Anuradha Paudwal

Om Namo Devye - Namaskar (Mahalaxmi Mantra) - Anuradha Paudwal

Anuradha Paudwal - Saptashloki Durga Stotra (Mahalaxmi Mantra)

Jai Laxmi Mata - Aarti (Anuradha Paudwal)

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Shree Lakshmi Vrat (Marathi) | Audio Jukebox
Shree Mahalaxmi Ashtak (Mahalaxmi Mantra) - Anuradha Paudwal
Om Namo Devye - Namaskar (Mahalaxmi Mantra) - Anuradha Paudwal
Anuradha Paudwal - Saptashloki Durga Stotra (Mahalaxmi Mantra)
Jai Laxmi Mata - Aarti (Anuradha Paudwal)

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मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है