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गोपी गीत सप्ताह 03/2015

02032 Hindi Day 7 Radha kund Govardhan Importance of Chanting Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi geet

02031 Hindi Day 6 Gopis gave Everything for Pleasure of Krishna Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi ge

02030 Hindi Day 5 Cows and gopis Worshiping krishna Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi Geet Series Ka

02029 Hindi Day 4 Always Remember krishna Divine of Gopis Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi gee

02028 Hindi Day 3 krishna Katha and gopis Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi geet series katha NB Vid

02027 Hindi Day 2 Gopis selfless and Kaliyuga symptoms Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 krishna Gop

02026 Hindi Day 1 Inro of Gopi Beauti of Gopi Geet Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Krishna Gopi Ge

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02032 Hindi Day 7 Radha kund Govardhan Importance of Chanting Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi geet
02031 Hindi Day 6 Gopis gave Everything for Pleasure of Krishna Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi ge
02030 Hindi Day 5 Cows and gopis Worshiping krishna Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi Geet Series Ka
02029 Hindi Day 4 Always Remember krishna Divine of Gopis Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi gee
02028 Hindi Day 3 krishna Katha and gopis Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Gopi geet series katha NB Vid
02027 Hindi Day 2 Gopis selfless and Kaliyuga symptoms Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 krishna Gop
02026 Hindi Day 1 Inro of Gopi Beauti of Gopi Geet Bhaktiratna Sadhu 4k 03 2015 Krishna Gopi Ge

Bhajan Lyrics View All

प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला