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Gopigeet Part 3 By Shree Hita Ambrish ji In Birla Mandir Delhi

Gopi Geet Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.

Gopigeet Part 1 By Shree Hita Ambrish ji In Birla Mandir Delhi

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Gopigeet Part 3 By Shree Hita Ambrish ji In Birla Mandir Delhi
Gopi Geet Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Iskcon Mandir, New Delhi.
Gopigeet Part 1 By Shree Hita Ambrish ji In Birla Mandir Delhi

Bhajan Lyrics View All

आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री