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Gopi geet

Gopi geet - Puri- Day-1- Volume-1 - By Poojniya Raseshwari Devi ji

Gopi geet - Puri- Day-1- Volume-2 - By Poojniya Raseshwari Devi ji

Girishanand Ji Maharaj Katha - Day 1

Girishanand Ji Maharaj Katha - Day 2

Gopi geet - Puri- Day-2- Volume-7 - By Poojniya Raseshwari Devi ji

Gopi geet - Puri- Day-3- Volume-10 - By Poojniya Raseshwari Devi ji

Gopi geet - Puri- Day-3- Volume-10 - By Poojniya Raseshwari Devi ji

Gopi geet - Puri- Day-2- Volume-5 - By Poojniya Raseshwari Devi ji

Gopi geet - Puri- Day3- Volume-9 - By Poojniya Raseshwari Devi ji

Day -4 Gopi geet vol-13 By Poojniya Raseshwari Devi ji

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Gopi geet - Puri- Day-1- Volume-2 - By Poojniya Raseshwari Devi ji
Girishanand Ji Maharaj Katha - Day 1
Girishanand Ji Maharaj Katha - Day 2
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Day -4 Gopi geet vol-13 By Poojniya Raseshwari Devi ji

Bhajan Lyrics View All

लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,