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Gopi Geet

Gopi Gita sung by Srila BV Narayana Goswami Maharaj

LIVE : Gopi Geet - Pujya Shri Kirit Bhaiji (Nashik)

Gopi Geet by Bhakti Rasamrita Swami

Gopi Gita गोपीगीत

SANSKAR LIVE - PUJYA BHAISHREE RAMESH BHAI OJHA - SHRIMAD BHAGAVAT KATHA - ANDHRA PRADESH - DAY 8

Contents of this list:

Gopi Gita sung by Srila BV Narayana Goswami Maharaj
LIVE : Gopi Geet - Pujya Shri Kirit Bhaiji (Nashik)
Gopi Geet by Bhakti Rasamrita Swami
Gopi Gita गोपीगीत
SANSKAR LIVE - PUJYA BHAISHREE RAMESH BHAI OJHA - SHRIMAD BHAGAVAT KATHA - ANDHRA PRADESH - DAY 8

Bhajan Lyrics View All

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये