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Shri Nityanand Prabhu Ji Charitra Bhaktmaal Katha By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana on 30 Jan to 1 Feb 2015.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 2 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 3 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 4 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Bhaktmaal Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Haryana.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 7 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 8 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 9 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 10 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 11 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

Contents of this list:

Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 1 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 2 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 3 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 4 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.
Shri Nityanand Prabhu ji Bhaktmaal Katha Part 5 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak, Haryana.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 6 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Haryana.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 7 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 8 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 9 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 10 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.
Shri Nityanand Prabhu ji Charitra Bhaktmaal Katha Part 11 By Shri Hita Ambrish ji in Maham, Rohtak.

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कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,