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guru ji

Shree Divya Bhaktmaal Katha... Shardhay Shree Hit Ambrish JI ...

Divya bhaktmal Katha Sudha Ras Dhara ,Katha 1day part 1-3.

Shree Divya Bhaktmaal Katha... Shardhay Shree Hit Ambrish JI ...

Shree Divya Bhaktmaal Katha,Sudha Ras Dhara

Divya Bhaktmal Katha, Sudha Ras Dhara ..part 2.

Divya Bhaktmal Katha Sudha Ras Dhara Part4................

divya bhaktmal katha sudha ras dhara katha 1 day part 1.

Divya Bhaktmal Katha Sudha Ras Dharakatha 1day part 1-2.

Divya bhaktmal Katha Sudha Ras Dhara ,Katha 1day part 1-3.

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Bhajan Lyrics View All

प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा