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Shrimad Bhagwat Katha By Shri Dharacharyaji Maharaj in Feburary 2015 at Barwani, M.P

Barwani, M.P (17 Feb 2015) | Shrimad Bhagwat Katha Mahotsav | Shri Dharacharyaji Maharaj

Barwani, M.P ( Feb 2015) | Shrimad Bhagwat Katha Mahotsav | Shri Dharacharyaji Maharaj

Barwani, M.P (19 Feb 2015) | Shrimad Bhagwat Katha Mahotsav | Shri Dharacharyaji Maharaj

Barwani, M.P (20 Feb 2015) | Shrimad Bhagwat Katha Mahotsav | Shri Dharacharyaji Maharaj

Barwani, M.P (23 Feb 2015) | Shrimad Bhagwat Katha Mahotsav | Shri Dharacharyaji Maharaj

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Bhajan Lyrics View All

राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।