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Shreemad Bhagwat Katha By Swami Avdheshanand Giriji Maharaj in Feburary 2015 At Bhopal

Live : Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 1)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 2)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 3)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 4)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 5)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 6)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 7)

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राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,