Share this page on following platforms.

Home Katha Bhagwat Katha

Shreemad Bhagwat Katha By Swami Avdeshanand ji in November, 2014 at Haryana

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Avdeshanand Giriji Maharaj - Day 1 (Haryana)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Avdeshanand Giriji Maharaj - Day 2 (Haryana)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Avdeshanand Giriji Maharaj - Day 3 (Haryana)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Avdeshanand Giriji Maharaj - Day 4 (Haryana)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Avdeshanand Giriji Maharaj - Day 5 (Haryana)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Avdeshanand Giriji Maharaj - Day 6 (Haryana)

Shreemad Bhagwat Katha - Swami Avdeshanand Giriji Maharaj - Day 7 (Haryana)

Contents of this list:

Bhajan Lyrics View All

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।