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BHAGWAT MARATHI

SHRIMAD BHAGWAT KATHA NAGAR ZILA MAHARASHTRA BY SHRI BAPUSAHEB MAHARAJ DEHUKAR

SHRIMAD BHAGWAT KATHA NAGAR ZILA MAHARASHTRA BY SHRI BAPUSAHEB MAHARAJ DEHUKAR 02

SHRIMAD BHAGWAT KATHA NAGAR ZILA MAHARASHTRA BY SHRI BAPUSAHEB MAHARAJ DEHUKAR 03

SHRIMAD BHAGWAT KATHA NAGAR ZILA MAHARASHTRA BY SHRI BAPUSAHEB MAHARAJ DEHUKAR 04

SHRIMAD BHAGWAT KATHA NAGAR ZILA MAHARASHTRA BY SHRI BAPUSAHEB MAHARAJ DEHUKAR 05

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Bhajan Lyrics View All

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही