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Bhagwat Katha By Shri Krishna chand Shastri Thakurji at Harigarh in 2012

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 1 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 2 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 3 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 4 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 5 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 6 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 7 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 8 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 9 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 11 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 12 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 13 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 14 of 15

HariGarh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 15 of 15

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यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे