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Swami Sukhbodhananda

Lecture that will change your life Part-1

Lecture That will change your life (Discouragement to Encouragement) part2

GGY 37 & 38 - Inner Strength... Silence

Real Essence of Bhaja Govindam - Do's & Dont's of Life by Adi Sankaracharya

Swami Sukhabodhananda - New Living with Values of Health, Prosperity and Happiness

Inner Alchemy - (Bhagavad Gita - Vol. 33 & 34)

Living Consciously - Handling Inner Conflict (Bhagavad Gita Vol. 1 & 2)

Inner Alchemy - (Bhagavad Gita - Vol. 33 & 34)

GGY 35 & 36 - Transforming Mechanical Centres to Magnetic Centres

GGY 37 & 38 - Inner Strength... Silence

The Presence of the Present - (Bhagavad Gita - Vol. 21 & 22)

Contents of this list:

Lecture that will change your life Part-1
Lecture That will change your life (Discouragement to Encouragement) part2
GGY 37 & 38 - Inner Strength... Silence
Real Essence of Bhaja Govindam - Do's & Dont's of Life by Adi Sankaracharya
Swami Sukhabodhananda - New Living with Values of Health, Prosperity and Happiness
Inner Alchemy - (Bhagavad Gita - Vol. 33 & 34)
Living Consciously - Handling Inner Conflict (Bhagavad Gita Vol. 1 & 2)
Inner Alchemy - (Bhagavad Gita - Vol. 33 & 34)
GGY 35 & 36 - Transforming Mechanical Centres to Magnetic Centres
GGY 37 & 38 - Inner Strength... Silence
The Presence of the Present - (Bhagavad Gita - Vol. 21 & 22)

Bhajan Lyrics View All

जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥