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Swami Sukhbodhananda

73rd IRC swami sukhabodhananda Speech

Search for Self - (Bhagavad Gita - Vol. 49 & 50)

Growth Oriented Living - (Bhagavad Gita - Vol. 51 & 52)

Divine Flow Within - (Bhagavad Gita - Vol. 53 & 54)

Integration of Roles - (Bhagavad Gita - Vol. 19 & 20)

Contents of this list:

73rd IRC swami sukhabodhananda Speech
Search for Self - (Bhagavad Gita - Vol. 49 & 50)
Growth Oriented Living - (Bhagavad Gita - Vol. 51 & 52)
Divine Flow Within - (Bhagavad Gita - Vol. 53 & 54)
Integration of Roles - (Bhagavad Gita - Vol. 19 & 20)

Bhajan Lyrics View All

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना