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Home Gurus Sukhbodhananda

Sukhbodhananda- Bhagavadgita

Living Consciously - Handling Inner Conflict (Bhagavad Gita Vol. 1 & 2)

Changing the Invisible Self (Bhagavad Gita Vol. 3 & 4)

Happy, Here & Now (Bhagavad Gita - Vol. 5 & 6)

Being Open & Centered - (Bhagavad Gita - Vol. 7 & 8)

EGO - Edging God Out (Bhagavad Gita - Vol. 9 & 10)

Surging Joy - Within (Bhagavad Gita - Vol. 11 & 12)

Joy in Detachment & Wonderment (Bhagavad Gita - Vol. 13 & 14)

Three Realities - (Bhagavad Gita - Vol. 15 & 16)

Living Consciously - Handling Inner Conflict (Bhagavad Gita Vol. 1 & 2)

02 JOKES TO JOY

Top 5 Inventions changing the world

Paneer Matar - Matar Paneer - Indian Food Andhra Cooking Telugu Vantalu Vegetarian Recipes

Baingan Bharta - Smoked Eggplant Mash - Vegetarian Recipe By Ruchi Bharani

Egg Fry Sandwich

Contents of this list:

Living Consciously - Handling Inner Conflict (Bhagavad Gita Vol. 1 & 2)
Changing the Invisible Self (Bhagavad Gita Vol. 3 & 4)
Happy, Here & Now (Bhagavad Gita - Vol. 5 & 6)
Being Open & Centered - (Bhagavad Gita - Vol. 7 & 8)
EGO - Edging God Out (Bhagavad Gita - Vol. 9 & 10)
Surging Joy - Within (Bhagavad Gita - Vol. 11 & 12)
Joy in Detachment & Wonderment (Bhagavad Gita - Vol. 13 & 14)
Three Realities - (Bhagavad Gita - Vol. 15 & 16)
Secret of mind function- Sukhbodhanandji
Living Consciously - Handling Inner Conflict (Bhagavad Gita Vol. 1 & 2)
02 JOKES TO JOY
Top 5 Inventions changing the world
Paneer Matar - Matar Paneer - Indian Food Andhra Cooking Telugu Vantalu Vegetarian Recipes
Baingan Bharta - Smoked Eggplant Mash - Vegetarian Recipe By Ruchi Bharani
Egg Fry Sandwich

Bhajan Lyrics View All

श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो