Share this page on following platforms.

Home Gurus Sukhbodhananda

Sukhabodhananda

Swami Sukhabodhananda - New Living with Values of Health, Prosperity and Happiness

Deleted video

Inner Awakening

Swami Sukhabodhananda

Contents of this list:

Swami Sukhabodhananda - New Living with Values of Health, Prosperity and Happiness
Deleted video
Inner Awakening
Swami Sukhabodhananda

Bhajan Lyrics View All

ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,