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Being Open & Centered - (Bhagavad Gita - Vol. 7 & 8)

06 A BALANCED MAN

Chapter 2: Practical Lesson, Mindfulness Meditation

GUIDED MEDITATION - Releasing Anger

Spiritual Reality Power Of Meditation (English)

Contents of this list:

Being Open & Centered - (Bhagavad Gita - Vol. 7 & 8)
73rd IRC swami sukhabodhananda Speech
06 A BALANCED MAN
Chapter 2: Practical Lesson, Mindfulness Meditation
GUIDED MEDITATION - Releasing Anger
Spiritual Reality Power Of Meditation (English)

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एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने