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Good speech

Organisational Leadership - Mahatria | infinitheism

Infinitheism Satsang - 2 October 2011 Part 4

TTR's Speech

Vazkai Vazhvatharke : Mahatria Ra Thanthi TV

Swami Sukhbodhananda - 3rd BCS "Session:6 Vibrant Corporate for Vibrant India"

Mahatria...Relationship...Be expressive not to be suppressive...

01 GET RID OF STRESS

2013 | Project Management National Conference | Swami Sukhabodhananda | PMI India

2013 | Project Management National Conference | Swami Sukhabodhananda | PMI India

Contents of this list:

Organisational Leadership - Mahatria | infinitheism
Infinitheism Satsang - 2 October 2011 Part 4
TTR's Speech
Vazkai Vazhvatharke : Mahatria Ra Thanthi TV
Swami Sukhbodhananda - 3rd BCS "Session:6 Vibrant Corporate for Vibrant India"
Mahatria...Relationship...Be expressive not to be suppressive...
01 GET RID OF STRESS
2013 | Project Management National Conference | Swami Sukhabodhananda | PMI India
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Bhajan Lyrics View All

कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता