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Sudhanshuji Maharaj bhajan-KISI KE KAAM JO AAYE

sudhanshuji maharaj - guru poornima at shiv dham ashram in panchkula part-1

Sudhanshuji Maharaj- bhajan- bhala karo bhagwan

Sudhanshuji Maharaj- bhajan- karta rahu gungaan

Sudhanshuji Maharaj - bhajan- teri meharbani ka

Sudhanshuji Maharaj - bhajan- doobto ko bacha lene wale

Sudhanshuji Maharaj - bhajan- bansi wale batlaa

SUDHANSHUJI MAHARAJ BHAJAN- TERE NAAM KA SIMRAN

Sudhanshuji Maharaj Bhajan- Prabhu Mere Jeevan Ko Kundan Bna Do

Sudhanshuji Maharaj - bhajan- he gyaan roop bhagwan

Sudhanshuji Maharaj - bhajan- OM GURUVE NAMAH

Sudhanshu Ji Maharaj: Maha Mrityunjaya Mantra

Sudhanshuji Maharaj Bhajan - Uth Naam Simar

Contents of this list:

Sudhanshuji Maharaj bhajan-KISI KE KAAM JO AAYE
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Sudhanshuji Maharaj- bhajan- bhala karo bhagwan
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Sudhanshuji Maharaj - bhajan- doobto ko bacha lene wale
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SUDHANSHUJI MAHARAJ BHAJAN- TERE NAAM KA SIMRAN
Sudhanshuji Maharaj Bhajan- Prabhu Mere Jeevan Ko Kundan Bna Do
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Bhajan Lyrics View All

रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना