Share this page on following platforms.

Home Gurus Shravananandji

Bhajan

Lord Krishna - Govinda Damodar Madheveti - Pandit Jasraj

Yog Vashisht by Swami Shravananandji Part-15

Jagjit Singh - Hare Krishna Hare Krishna (Madhusudana - Shree Krishna Dhun) (Hindi)

Rameshbhai Oza - Dena Ho To Dijeyee janam Janam

Contents of this list:

Lord Krishna - Govinda Damodar Madheveti - Pandit Jasraj
Yog Vashisht by Swami Shravananandji Part-15
Jagjit Singh - Hare Krishna Hare Krishna (Madhusudana - Shree Krishna Dhun) (Hindi)
Rameshbhai Oza - Dena Ho To Dijeyee janam Janam

Bhajan Lyrics View All

हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।