Share this page on following platforms.

Home Gurus Shravananandji

Bhagwat Katha by Pujya Shravananandji at Porbandar, Gujarat in October 2015

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 1 (Porbandar, Gujarat)

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 2 (Porbandar, Gujarat)

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 3 (Porbandar, Gujarat)

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 4 (Porbandar, Gujarat)

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 5 (Porbandar, Gujarat)

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 6 (Porbandar, Gujarat)

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 7 (Porbandar, Gujarat)

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 8 (Porbandar, Gujarat

Shreemad Bhagwat Katha - Pujya Shravananandji Maharaj - Day 9 (Porbandar, Gujarat

Contents of this list:

Bhajan Lyrics View All

ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है