Share this page on following platforms.

Home Gurus Sanjeev Krishna Thakur Ji

Shyam

JINDAGI EK KIRAYE KA GHAR HAI,BY SHRI SANJEEV KRISHNA THAKUR JI

Khilona Jaan Kar Tum To Mohammad Rafi Film Khilona (1970) Laxmikant Pyarelal

Sai Ram Sai Shyam Sai Bhagwan Shirdi Ke Data Sabse Mahaan || Full Video || by Sadhana Sargam

Contents of this list:

JINDAGI EK KIRAYE KA GHAR HAI,BY SHRI SANJEEV KRISHNA THAKUR JI
Khilona Jaan Kar Tum To Mohammad Rafi Film Khilona (1970) Laxmikant Pyarelal
Sai Ram Sai Shyam Sai Bhagwan Shirdi Ke Data Sabse Mahaan || Full Video || by Sadhana Sargam

Bhajan Lyrics View All

मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥